रूचि, परिमल और उनकी शादी की यादों को समर्पित...
प्यारी बहना दुल्हन बनी है, और उसके साज श्रृंगार का क्या कहना...
उसकी आँखों से खुशियाँ झलकें, मुस्कराहट सबसे प्यारा गहना...
(कविता को पढने हेतु कड़ी पर क्लिक करें)
मेरे विचारों को संजोते ये लेख. यहाँ मेरी हिंदी लेखनी से बहे शब्दों को पिरोते लेखों की कड़ियाँ (links) प्रस्तुत हैं. उम्मीद करती हूँ आपको पसंद आएँगे.